अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026: जबलपुर में 5000 साधकों संग योगमय हुआ मध्यप्रदेश, राष्ट्रपति मुर्मु ने दिया स्वास्थ्य और संतुलन का संदेश
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अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026: जबलपुर में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने किया सामूहिक योगाभ्यास
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की उपस्थिति में जबलपुर में आयोजित राज्य स्तरीय योग दिवस कार्यक्रम में 5000 से अधिक लोगों ने भाग लिया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने योग को वैश्विक शांति, स्वास्थ्य और मानव कल्याण का सबसे प्रभावी माध्यम बताया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल से योग को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली और आज 200 से अधिक देशों में योग अपनाया जा रहा है।
जबलपुर, 21 जून 2026/ राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने कहा है कि हम भारत की उस महान योग परंपरा का उत्सव मना रहे हैं, जिसने मानवता को स्वस्थ, संतुलित और सार्थक जीवन का मार्ग प्रदान किया है। योग विश्व समुदाय को हमारी सांस्कृतिक धरोहर का एक अनमोल उपहार है। यह हमारे ऋषियों-मुनियों की हजारों वर्षों की साधना का परिणाम है। जिस भारतभूमि ने पूरे विश्व को योग का अमूल्य ज्ञान प्रदान किया, आज उसी पावन धरती से स्वास्थ्य, संतुलन, शांति और आत्मकल्याण का संदेश पुनः समस्त विश्व में प्रसारित किया जा रहा है।
“योग फॉर हेल्दी एजिंग” थीम पर राष्ट्रीय कार्यक्रम कोलकाता में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मुख्य आतिथ्य में आयोजित किया गया। वहीं राज्य स्तरीय कार्यक्रम महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के मुख्य आतिथ्य में जबलपुर के गैरीसन ग्राउंड में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के कोलकाता से प्रसारित कार्यक्रम का लोगों ने सजीव प्रसारण देखा और सुना।
कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उपमुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री जगदीश देवड़ा, उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री श्री इंदर सिंह परमार, लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह, पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा श्रम मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल, राज्यसभा सांसद श्रीमती सुमित्रा वाल्मीकि, सांसद श्री आशीष दुबे, विधायक सर्वश्री अजय विश्नोई, अशोक रोहाणी, सुशील तिवारी ‘इंदु’, डॉ. अभिलाष पांडे, नीरज सिंह, संतोष बरकड़े, महापौर श्री जगत बहादुर सिंह ‘अन्नू’, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, मध्यप्रदेश तीर्थ क्षेत्र एवं मेला प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री विनोद गोटिया, भाजपा नगर अध्यक्ष रत्नेश सोनकर, भाजपा ग्रामीण अध्यक्ष श्री राजकुमार पटेल, भाजपा प्रदेश कोषाध्यक्ष अखिलेश जैन, भाजपा महिला मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती अश्विनी परांजपे, नगर निगम अध्यक्ष रिकुंज विज, संभागायुक्त श्री धनंजय सिंह, कलेक्टर श्री राघवेंद्र सिंह, पुलिस अधीक्षक श्री संपत उपाध्याय, जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी तथा लगभग 5000 योग साधकों ने सहभागिता कर सामूहिक योगाभ्यास किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने नागरिकों को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि हमारे शास्त्रों में शरीर, मन और आत्मा के संतुलन को जीवन की सफलता का आधार माना गया है। योग उसी संतुलन को स्थापित करने का मार्ग है। ‘योग’ शब्द का अर्थ है जोड़ना, व्यक्ति को स्वयं से, समाज को प्रकृति से और सम्पूर्ण मानवता को व्यापक विश्व चेतना से जोड़ना। योग एक सशक्त माध्यम है, जो हमें आंतरिक शांति, संतुलन और सामूहिक कल्याण की दिशा में आगे बढ़ाता है।
उन्होंने कहा कि आज जब विश्व अनेक चुनौतियों का सामना कर रहा है, तब योग मानवता को शांति, संतुलन, समरसता और सामूहिक कल्याण का मार्ग दिखाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने कहा कि वर्ष 2014 में भारत की पहल पर संयुक्त राष्ट्र महासभा ने प्रतिवर्ष 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की थी। इस पहल से योग को विश्व कल्याण के एक सशक्त माध्यम के रूप में नई पहचान और व्यापक स्वीकार्यता मिली। आज दुनिया के अनेक देशों में करोड़ों लोग योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बना रहे हैं। योग अब जीवनशैली का अंग बनता जा रहा है।
राष्ट्रपति ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 की थीम “योग फॉर हेल्दी एजिंग” है। यह थीम समाज के वरिष्ठ नागरिकों के लिए स्वास्थ्य, सक्रियता, आत्मनिर्भरता और गरिमापूर्ण जीवन में योग की उपयोगिता को रेखांकित करती है। योग बढ़ती आयु में भी व्यक्ति को स्वस्थ, सक्रिय और आत्मनिर्भर बनाए रखने में सहायक है।
उन्होंने कहा कि योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह मन को शांति और भावनात्मक संतुलन भी प्रदान करता है। आज की व्यस्त जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों की रोकथाम और समग्र स्वास्थ्य के लिए योग एक सरल, प्रभावी और सुलभ उपाय है।
राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने कहा कि भारत सरकार योग को जन-जन तक पहुंचाने के लिए योग शिक्षा, अनुसंधान, प्रशिक्षण और जन-जागरूकता के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रही है। सामूहिक प्रयासों से योग जन-जन तक पहुंचेगा और मानवता के कल्याण का आधार बनेगा। उन्होंने सभी नागरिकों से योग को अपने दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाने का संकल्प लेने का आह्वान किया।
योग को दिनचर्या में शामिल करने का संकल्प लें : राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल
राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि योग केवल शरीर को स्वस्थ बनाने का माध्यम नहीं, बल्कि संपूर्ण जीवन को संतुलित, सरल और आनंदमय बनाने की पद्धति है। भारतीय ज्ञान परंपरा ने स्वस्थ जीवन का जो मार्ग दिखाया था, आज पूरी दुनिया उसे अपना रही है। संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा भारतीय योग को अंतरराष्ट्रीय सम्मान दिया गया है।
उन्होंने कहा कि योग को वैश्विक पहचान दिलाने में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की दूरदृष्टि और अटूट प्रतिबद्धता के प्रति आभार व्यक्त करना हम सभी का कर्तव्य है।
राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि प्राणायाम के माध्यम से हम नई ऊर्जा और सकारात्मक सोच को अपनाते हैं। ध्यान हमें अपने भीतर झांकने का अवसर देता है और मन की शांति प्रदान करता है। प्रतिदिन केवल 20 से 30 मिनट का योगाभ्यास, ध्यान और प्राणायाम जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला सकता है। उन्होंने सभी से योग को आत्मिक उन्नति का माध्यम बनाकर दैनिक दिनचर्या में शामिल करने का संकल्प लेने का आह्वान किया।
वैश्विक शांति के लिए योग एकमात्र उपाय : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि 12वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पूरे विश्व में उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। इस वर्ष की थीम “योग फॉर हेल्दी एजिंग” है। योग दिवस वैश्विक शांति और मानव कल्याण को बढ़ावा देता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में योग को वैश्विक पहचान मिली है। जब 2015 में प्रधानमंत्री ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का प्रस्ताव रखा था, तब 175 से अधिक देशों ने इसका समर्थन किया था। आज दुनिया के 200 से अधिक देशों में योगाभ्यास हो रहा है और करोड़ों लोग इसे अपने जीवन का हिस्सा बना चुके हैं।
उन्होंने कहा कि भारत ने योग के रूप में विश्व को मानव कल्याण का अमूल्य उपहार दिया है। योग का अर्थ है जोड़ना और भारत ने सदैव अपने ज्ञान, विवेक और विचारों से विश्व को जोड़ने का कार्य किया है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश के कोने-कोने को योग से जोड़ने के लिए “हर घर योग” अभियान सफलतापूर्वक संचालित किया गया है। यह मध्यप्रदेश का सौभाग्य है कि 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का राज्य स्तरीय कार्यक्रम संस्कारधानी जबलपुर में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित हुआ।
उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति ने सदैव संसार को एक परिवार के रूप में देखा है और “वसुधैव कुटुम्बकम” का संदेश दिया है। हमारे ऋषियों ने “सर्वे भवन्तु सुखिनः, सर्वे सन्तु निरामयाः” की कामना की है। मध्यप्रदेश योगियों की तपोस्थली रहा है और इसकी सांस्कृतिक तथा आध्यात्मिक विरासत अत्यंत समृद्ध रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 21 जून केवल अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस ही नहीं, बल्कि सूर्य के उत्तरायण से दक्षिणायन की ओर गमन का भी विशेष दिन है।
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु तथा राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में स्मृति-चिह्न भेंट किया। कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रगीत तथा समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।